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How To Get Peace Of Mind In Hindi Part II  मन की शान्ति कैसे प्राप्त करे ?

 

How To Get Peace Of Mind
Peace Of Mind

जादा गुस्सा क्यों नहीं करना चाहिये ?  How To Control Anger 

How to Get Peace Of Mind  इस पिछले लेख में हमने देखा की कैसे छोटी छोटी बातोंसे व्यक्तिको गुस्सा आ जाता है और उसका क्या असर होता है | हम छोटी छोटी बातोंसे गुस्सा होने लगे नाराज होने लगे तो दिनभर में सब हमारे मन के विरुद्ध होने लगता है | और गुस्सा या निराशा और बढने लगती है | निराशा, नकारात्मक विचार जादा बढ़ गये तो व्यक्ति डिप्रेशनमें जाने लगता है |

इन सबसे हमे कैसे बचना है? कैसे हमे सकारात्मक रहना चाहिये ?छोटी छोटी बातोंसे कैसा आनंद लेना चाहिये ? और कैसे हम अच्छी जिन्दगी जी सकते है | इसके कुछ तरीके देखते है |

एक पती और पत्नी दोनोंको एक जगह जाना था | पतीने पत्नीको अपने कपड़े, टॉवेल कुछ जरुरी चीजे लेने को कहा था | पत्नीने दोनोंका सामान पैक करके रखा था | शामको ऑफिससे आने के बाद दोनों घरसे निकल पड़े | दुसरे दिन जब पती स्नानको जा रहा था तब उसके ध्यानमें आया की पत्नी उसका टॉवेल लेने को भूल गयी थी | पतिको गुस्सा आना लगा | तभी २ मिनिट बाद उसके मन में विचार आया टॉवल भूल गया ये बात तो है लेकीन उसने मेरी बाकी सारी चीज़े ध्यान में रखकर लेके आयी है, तो इससे क्या नाराज होना | मुझे गुस्सा छोड़ देना चाहिये और कुछ अड़जेस्ट कर लेता हू |

उसके एक छोटेसे विचारसे उसका गुस्सा चला गया और वों सकारात्मक हो गया | इससे उन दोनोंके बिच होने वाला झगड़ा भी टल गया |

   इसलिये दुसरेने मेरे लिये क्या नहीं किया ये देखनेसे अच्छा है की उसने मेरे लिये क्या किया है |

सुनिल नये ऑफिसमें जाने लगा | उसका एक दोस्त था अनिल | वों दोनों हररोज एक जगह मिलते थे | एक दिन अनिल के मनमें एक विचार आया और उसने सुनिलसे कहा की आजसे ऐसा करते है की हररोज कोईभी अच्छी घटना जो दिनभरमें ध्यानमें आयी वों एक दुसरे को बता देते है | पहले दो चार दिन तो सुनिलको एक भी घटना कहने को नही मील रही थी क्योंकि उसको आदत ही नही थी | फिर वों ध्यान देकर देखने लगा तो उसको ये समझमे आया की वों ऑफिसके लिये जा रहा था और उसे बसस्टॉपपे जाते ही बस मिल गयी और बैठनेके लिये जगह भी मिल गयी | इस बात से उसके  मनको आनंद मिल गया | दुसरे दिन वों बाहर जा रहा था | तो रास्ते में उसे एक कुत्ते का बच्चा दिखाई दिया | वों पूरा सफेद था और अच्छा दिख रहा था | वों देखकर भी उसे आनंद हो गया | उसने सोचा की इससे पहले भी मुझे कई बार ऐसा कुत्ता दिखाई दिया था लेकिन मुझे इतना आनंद मिलता है ये मेरे समझमेही नहीं आया | उसने ये बात भी जाकर अपने दोस्तसे कही |

एक अंध व्यक्ति रोड क्रॉस कर रहा था | सुनिलने उसकी मदद कर दी | उस व्यक्तिके चेहरे का आनंद देखकर भी सुनील आनंदी हो गया | ऐसेही वों दिनभरमें छोटी छोटी घटनाए ढूढता रहा और खुश रहने लगा |

ऐसेही छोटी मोटी बातोंसे हमे आनंद मिलता है और हम खुश रह सकते है |

अगर हम हररोज भगवान का नामजप करते है तो हमारे मनको शान्ति मिलती है | हर एक व्यक्ति का स्वभाव अलग अलग होता है | पिछले जनम का भी हमारे मन पर संस्कार होते है | हम देखते है कि छोटे छोटे बच्चोंका भी स्वाभाव अलग अलग होता है | एक बच्चा एकदम चुपचाप बैठता है दूसरा हमेशा रोता है तो तीसरा उचलकूद करता है | इन बच्चोको किसीने कहा है इसलिये वह ऐसा नहीं करते बल्की उनका स्वभावही ऐसा होता है | जो उनके पीछले जन्मसे आता है |

इस लिये अगर हम भगवानका नामजापते है | भगवानकी हमेशा याद रखते है तो हमारा मन शांत रहता है | हमारे मन में जो विचार रहते है वों भी कम हो जाते है |

जैसे अगर किसी कमरे में झिरो का बल्ब लगाया तो उसका प्रकाश दिखाई देता है | लेकिन उसके बाजु में सौ का बल्ब लगाया तो झिरो के बल्ब का प्रकाश दिखाई नहीं देगा | उसी तरह बुरे विचारोंके जगह हम अच्छे विचार करने लगे तो बुरे विचार अपने आप कम होने लगते है |

इसलिये अगर हम भगवानका नाम लेते है तो हमारे विचार भी सकारात्मक हो जाते है |

हर दिन हमे थोडा व्यायाम और प्राणायामभी करने से हमारी सेहत भी अच्छी रहती है | अच्छे शरिर में अच्छा मन रहता है | व्यायाम और प्राणायाम करने से शरीरमे जो अनावश्यक चीज़े जैसे जादा चरबी  जैसे घटक वों दूर हो जाती है | इससे दिनभर फ्रेश लगता है |

अगर हमे किसीपे गुस्सा आने लगता है तो उसे कुछ बोलने से बेहतर है हम १ से १० तक अंक गिनना शुरू करते है | तो हमारा गुस्सा धीरे धीरे कम होने लगता है |

ये थे  मन की शान्ति कैसे प्राप्त करे ? How to Control Peace Of Mind ?  इसके कुछ आसान तरीके जो इस्तेमाल करने से आप अपनी जिन्दगीमें तानतणाव से दूर रहकर अच्छी जिन्दगी बितानेकी कोशिश कर सकते है |