History and Information of Indian National Flag Hindi

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा | झेंडा ऊँचा रहे हमारा|

ये शब्द सुनते ही हमारे मन में देशप्रेम की भावना जागृत होती है | और हमारा मन, मनही मनमें अपने प्यारे तिरंगे को प्रणाम भी कर चूका होता है | हम सभी भारतियोकों इससे बहोत आदर रहता है | आइये History and Information of Indian National Flag Hindi इस लेख में हम  ध्वज के बारेमे जानकारी लेंगे |

हम सब को ये पता है की हमारा देश १५ अगस्त १९४७ को स्वतंत्र हो गया और उसी दिनसे हम किसी विशेष दिवस पर तिरंगा फहराते है | लेकिन पहले इसका स्वरुप कैसा था और कोंनसे ध्वज होते थे , इस तिरंगे को ऊँचा रखने के लिये क्रांतिकारियोंने क्या क्या किया और हमें क्या करना चाहिए इन सबकी जानकारी हम इस लेख में आगे देखेंगे |

भगवा ध्वज – India’s First Flag

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भगवा ध्वज

अनादी काल से हमारे देशमें भगवा ध्वज फहराया जाता है | प्रभू श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन इनके रथोंपर भी भगवा ध्वज लगाया जाता था | उगते सूर्य का रंगभी केसरिया होता है तथा अग्नि ज्वालाका रंग भी केसरिया होता है |

हिंदु धर्ममे भगवा ध्वज का अनन्य साधारण महत्व है | सभी मंगल कार्य में इसको फहराया जाता है | सभी उत्सव या त्यौहारमें घर, मंदिर, रथ, वाहनों पर भी इसे लगाया जाता है | वेद, उपनिषद, पुराण इसका यशोगान करते है | संतगण भी इसकी पूजा अर्चना करते है |

सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरुगोविंदसिह साहब जैसे कई अन्य महाराजों का ध्वज भी भगवा ही था |

अभी जो तिरंगा फहराते है उसका स्वरुप १९०६ से बनने लगा उसमे बदलाव होते होते १९४७ इसका स्वरुप निश्चित हो गया १९४७ से इसमे कोई बदलाव नहीं किया है |

पहला झंडा

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1906 Flag

७ अगस्त १९०६ में पहली बार कलकत्ताके पारसी बागान चौक में ये झंडा फहराया गया था | इसे १९०४ में स्वामी विवेकानंदजी की शिष्य भगिनी निवेदिता इन्होने बनाया था | इसमे भी तीन रंग थे उपर हरा बिचमें पिला रंग और निचे लाल रंग की पट्टीया थी | उपर की पट्टी पर ८ कमल थे | बिचकी पीले रंगकी पट्टी पर देवनागरीमें वंदेमातरम् लिखा हुआ था | निचे की पट्टीपर सूर्य और चन्द्र के सांकेतिक चिन्ह थे |

दूसरा झंडा

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१९०७ ध्वज

१९०७ में ये झंडा पहली बार पेरिस में फहराया गया था | कुछ लोगोंका मानना है की ये घटना १९०५ में हुई थी | मैडम कामा और निर्वासित क्रांतिकारियोंने इसे फहराया था | ये भी तीन रंगोका ही था | इसमे सिर्फ़ उपर ८ कमल के जगह ७ तारें थे जो सप्तर्षियोंका प्रतिक थे | ये ध्वज बर्लिनमें प्रदर्शित हुआ था |

तीसरा झेंडा

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१९१७ ध्वज

१९१७ में डॉ. एनी बीसेंट और लोकमान्य तिलक ने होम रुल मुव्हमेंट के दौरान फहराया था | इसमे उपर की तरफ यूनियन जैक था | इस झंडे मे बिग डिपर या सप्तर्षि नक्षत्र और अर्धचंद्र और सितारा भी था |

चौथा झंडा  – Who Designed The National Flag

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1921 Flag

 

पांचवा झंडा 

 

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1931 Flag

१९३१ में इसमे ऐतिहासिक बदलाव किया गया | कॉग्रेस कमिटी की एक बैठक हुई जिसमें पास हुए प्रस्ताव से इसे मंजूरी दी गयी | इसमे भी तीन पट्टिया थी | इस तिरंगे में उपर केसरिया बिचमे सफ़ेद और निचे हरा रंग था | सफेद रंग की पट्टी पर नीले रंग का चरखा था |

तिरंगा / वर्तमान झंडा – About Our National Flag

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तिरंगा ध्वज

२२ जुलाई १९४७ इस दिन संविधान सभा ने इसी भारतीय झंडे को स्वीकार कर लिया था | सिर्फ़ चरखे की जगह इस मे अशोकचक्र को शामिल कर लिया गया था |

इस प्रकार हमारे तिरंगे में कई बदलाव आ गये | इसे आज हम बड़ी आसानी से लहराते है लेकिन इसके लिये कई देशभक्तोंने अपने प्राणों की आहुती दी | हमे भी इसका उचित सम्मान रखना चाहिये |

हम भी १५ अगस्त या २६ जनवरीको बडेही प्यारसे तिरंगे झंडे को अपने घरमे लेके आते है, गाड़ी पे लगाते है | लेकिन दुर्भाग्य से अगले दिन यानि १६ अगस्त या २७ जनवरीको कई जगह रस्ते पर गिरे हुए, या फटे हुए झंडे हमें दिखाई देते है | कई बार तो ये प्लास्टिकसे बने होते है जबकी पानी में विसर्जीत करने से भी ये वैसेही रहते है | कई युवक तो अपने चेहरे पर भी इसका चित्र निकालते है | इन सबसे तिरंगे का अपमान होता है | रस्ते में जो झंडे बिकते है बहुत बार ऐसा होता है उस झंडे के साथ कोई चक्र रहेता है और उसे खिलोने के तौर पे बेचा जाता है | ये सरासर गलत है | हमारा झंडा खिलौना नहीं है बल्कि राष्ट्र का अभिमान है | इसके लिये बेचने वालोंका प्रबोधन करना हमारा राष्ट्रिय कर्त्तव्य है, राष्ट्र की सेवा है |

इस लिये हम सभीको प्रतिज्ञा करनी चाहिये की आजसे हम तिरंगे का अपमान ना हीं खुद करेंगे ना ही किसीको करने देंगे | इसके साथही फिरसे एक बार कहेंगे की

 

झंडा ऊँचा रहे हमारा
विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
सदा शक्ति बरसाने वाला,
प्रेम सुधा सरसाने वाला
वीरों को हरषाने वाला
मातृभूमि का तन-मन सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
स्वतंत्रता के भीषण रण में,
लखकर जोश बढ़े क्षण-क्षण में,
काँपे शत्रु देखकर मन में,
मिट जावे भय संकट सारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
इस झंडे के नीचे निर्भय,
हो स्वराज जनता का निश्चय,
बोलो भारत माता की जय,
स्वतंत्रता ही ध्येय हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
आओ प्यारे वीरों आओ,
देश-जाति पर बलि-बलि जाओ,
एक साथ सब मिलकर गाओ,
प्यारा भारत देश हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।
शान न इसकी जाने पावे,
चाहे जान भले ही जावे,
विश्व-विजय करके दिखलावे,
तब होवे प्रण-पूर्ण हमारा,
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

History and Information of Indian National Flag Hindi – इस लेख में हमने हमारे राष्ट्रध्वज के बारेमे जानकारी ली आपको ये लेख कैसा लगा ये हमें जरुर बताइए